Wednesday, January 9, 2019

हो सकता है आलोकनाथ पर आरोप एकतरफा प्यार के चलते लगाए गए हों: कोर्ट

विन्ता नंदा के आरोपों के आधार पर दुष्कर्म केस में आरोपी बनाए गए आलोक नाथ को सत्र न्यायालय ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा था कि अभिनेता के खिलाफ शिकायतकर्ता के झूठे और अपमानजनक आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया गया। कोर्ट ने यह फैसला पिछले हफ्ते सुनाया था, लेकिन इसे मंगलवार शाम अपलोड किया गया।

5 लाख के मुचलके पर जमानत मिली
अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एसएस ओझा ने आलोक नाथ को 5 लाख के मुचलके पर जमानत दी। उन्होंने कहा- अभिनेता के खिलाफ स्क्रीन राइटर विन्ता नंदा ने निजी दुश्मनी के चलते आरोप लगाया था।

आदेश में जज ने कहा- शिकायतकर्ता ने जो आरोप लगाए हैं, हो सकता है कि वह उसके आलोकनाथ के प्रति एकतरफा प्यार के चलते उठाए गए हों। अभिनेता के खिलाफ साफतौर पर शिकायतकर्ता के अपमानजनक, झूठे, दुर्भावनापूर्ण और काल्पनिक आरोपों के आधार पर केस दर्ज हुआ।

जज ने आगे कहा- आलोक नाथ की पत्नी और शिकायतकर्ता 1980 के दौरान चंडीगढ़ में कॉलेज के समय के दोस्त थीं। दोनों मुंबई में एक टीवी सीरियल की प्रोडक्शन यूनिट में काम करती थीं। तब वहां उनकी मुलाकात आलोक नाथ से हुई। तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। 1987 में आलोक नाथ ने आशू को प्रपोज किया और उनकी शादी हो गई।

न्यायाधीश ओझा ने कहा- शिकायतकर्ता तब अकेला महसूस करने लगी, क्योंकि उसने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खो दिया था। हो सकता है कि आलोक नाथ के प्रति अपने एकतरफा प्यार और लगाव के चलते शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हों।

"इस मामले में एक बात ध्यान देने लायक है कि शिकायतकर्ता को पूरा वाकया याद है, लेकिन तारीख और महीना याद नहीं है। सभी तथ्यों को देखते हुए इस बात की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता कि अभिनेता को झूठे अपराध में फंसाया गया।''

विन्ता ने फेसबुक पोस्ट में लगाए थे आरोप
अक्टूबर में मीटू कैम्पेन के तहत विन्ता ने एक फेसबुक पोस्ट में आलोक नाथ पर आरोप लगाए थे। विन्ता 1990 के दशक के टीवी सीरियल 'तारा' की प्रोड्यूसर थीं। इसमें आलोक नाथ दीपक सेठ की मुख्य भूमिका में थे। विन्ता का आरोप है कि एक दिन आलोक नाथ उन्हें घर छोड़ने गए थे। यहीं पर उन्हें शराब पिलाकर दुष्कर्म किया।

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