देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी को 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 1,489.3 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआर। यह 2017 की दिसंबर तिमाही के मुकाबले 17.21% कम है। उस वक्त 1,799 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। कमोडिटी की कीमतें बढ़ने की वजह मारुति का मुनाफा कम हुआ है। नतीजों के बाद मारुति के शेयर में गिरावट तेज हो गई। शेयर 8% नीचे बंद हुआ।
लगातार दूसरी तिमाही में घटा मुनाफा
कंपनी की आय में इजाफा हुआ है। दिसंबर तिमाही में 20,585.6 करोड़ रुपए की आय हुई। 2017 की दिसंबर तिमाही में यह आंकड़ा 19,528.1 करोड़ रुपए था। मारुति ने दिसंबर तिमाही में 4 लाख 28 हजार 643 वाहन बेचे। यह संख्या 2017 की दिसंबर तिमाही से 0.6% कम है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में भी मारुति के मुनाफे में 10% गिरावट आई थी। 4 साल में पहली बार ऐसा हुआ था। उससे पहले जनवरी-मार्च 2014 में प्रॉफिट 35% घटा था।
मारुति के शेयर में शुक्रवार को नतीजों के बाद बिकवाली तेज हो गई। बीएसई पर शेयर 7.40% (521.05 रुपए) की गिरावट के साथ 6516.35 रुपए पर बंद हुआ। इंट्रा-डे में यह 6,420 रुपए तक गिर गया था। एनएसई पर 8.11% (570.70 रुपए) की गिरावट के साथ 6,469.90 रुपए पर क्लोजिंग हुई।
दुनिया की नौवें नंबर की शटलर साइना नेहवाल शुक्रवार को इंडोनेशिया मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गईं। वहीं, मेन्स सिंगल्स में किदांबी श्रीकांत का सफर खत्म हो गया। साइना ने वुमन्स सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-7, 21-18 से मात दी। साइना और पोर्नपावी के बीच 33 मिनट तक मैच चला। साइना और पोर्नपावी के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। हर बार भारतीय शटलर ने बाजी मारी है।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला छठी वरीयता प्राप्त चीन की ही बिंगजियाओ से हो सकता है। सातवीं रैंक की शटलर बिंगजियाओ का क्वार्टर फाइनल में हमवतन और 27वीं रैंकिंग वाली चेन शियाशिन से मैच होना है।
दो साल से जोनाटन को नहीं हरा पाए किदांबी
मेन्स सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में किदांबी को स्थानीय खिलाड़ी जोनाटन क्रिस्टी ने सीधे गेमों में 21-18, 21-19 से हराया। किदांबी और जोनाटन पांचवीं बार कोर्ट पर आमने-सामने थे। इस हार के बाद किदांबी का जोनाटन के खिलाफ जीत हार का रिकॉर्ड 2-3 हो गया। इससे पहले दोनों पिछले साल फरवरी में ई-प्लस बैडमिंटन एशिया टीम चैम्पियनशिप में आमने-सामने हुए थे। तब भी इंडोनेशियाई शटलर बाजी में सफल रहे थे। उस मैच में जोनाटन ने किदांबी को 21-17, 21-17 से हराया था। किदांबी ने जोनाटन को आखिरी बार 23 मई 2017 को सुदीरमन कप में 21-15, 21-16 से हराया था।
ऑस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर और चीन की झांग शुआई की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में वुमन्स डबल्स का खिताब जीत लिया। दोनों ने हंगरी की टिमिया बाबोस और फ्रांस की क्रिस्टिना म्लाडेनोविच की जोड़ी को 6-3, 6-4 से हराया। यह मुकाबला एक घंटे, 36 मिनट तक चला। स्टोसुर ने इस टूर्नामेंट में 14 साल बाद खिताब जीता। पिछली बार 2005 में उन्होंने अपने ही देश के स्कॉट ड्रैपर के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता था।
वहीं, मेन्स सिंगल्स में सर्बिया के नोवाक जोकोविच तीन साल बाद फाइनल में पहुंच गए। पिछली बार 2016 में उन्होंने ब्रिटेन के एंडी मरे को हराकर खिताब जीता था। जोकोविच ने सेमीफाइनल में फ्रांस के लुकास पाउली को 6-0, 6-2, 6-2 से हराया। रविवार को फाइनल में उनका मुकाबला स्पेन के राफेल नडाल से होगा। दोनों इससे पहले 2012 में भी खिताबी मुकाबला खेल चुके हैं। तब जोकोविच ने नडाल को हराया था। जोकोविच जब भी ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे हैं, चैम्पियन बने हैं।
14 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के किसी खिलाड़ी ने वुमन्स डबल्स का खिताब जीता। पिछली बार 2005 में एलिसिया मोलिक ने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा के साथ मिलकर फाइनल जीता था। वहीं, चीन के खाते में 13 साल बाद यह खिताब आया। 2006 में यान जी और झेंग जेई की चीनी जोड़ी ने फाइनल अपने नाम किया था।
Friday, January 25, 2019
Thursday, January 17, 2019
कलेक्टर को ज्ञापन देने गए 70 साल के कारोबारी को दिल का दौरा पड़ा
कलेक्टर को ज्ञापन देने गए 70 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी की कलेक्टोरेट में ही दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दौरा आने के बाद वे अचेत होकर मुंह के बल गिर पड़े। उनके सिर और नाक से खून बहने लगा। लेकिन कलेक्टाेरेट में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं था। एक अफसर की कार से उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, पर तब तक वे दम तोड़ चुके थे।
घटना बुधवार शाम 5.45 बजे की है। ट्रांसपोर्ट कारोबारी कुलवंत सिंह संधु 40 लोगों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ कलेक्टर से मिलने गए थे। सभी पहली मंजिल स्थित ऑफिस के बाहर इंतजार कर रहे थे। शाम 5.45 बजे कलेक्टर आए। जैसे ही उनसे मिलने के लिए प्रतिनिधि मंडल खड़ा हुआ, तभी संधु मुंह के बल गिर पड़े।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल राजू भाटिया ने बताया कि पिपल्याराव गुरुद्वारा में चुनाव कराने को लेकर हम कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से मिलने गए थे, लेकिन इस बीच यह हादसा हो गया। फर्स्ट एड नहीं मिला तो हमने कुलवंत की पगड़ी से उनका खून पोंछा और लिफ्ट तक ले गए। वहां पता चला कि लिफ्टमैन जा चुका था। फिर लिफ्ट चालू कर उन्हें नीचे ले गए।
एंबुलेंस को कॉल किया। उसके आने में देरी हो रही थी तो कलेक्टर के पीए ने एक अधिकारी की गाड़ी में निजी अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिससे उनकी मौत हो गई। यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद वह बच सकते थे। उन्हें पहले से हार्ट की परेशानी थी। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई। शव को निजी अस्पताल में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार कटारा थाना क्षेत्र लहारपुर मार्केट में मनीष की राधारानी नाम से ज्वैलर्स की दुकान है। बुधवार रात करीब आठ बजे वह दुकान बंद करके घर चले गए थे। बुधवार-गुरवार की दरमियानी रात चोरों ने उनकी दुकान में पीछे की तरह से चार इंची दीवार तोड़ सेंधमारी कर दी। चोरों ने दीवार में करीब दो फीट का छेद कर अंदर घुस गए। दुकान में अंदर घुसने के बाद चोरों ने तिजोरी तोड़ी और पांच किलो चांदी, 50 ग्राम सोना और 60 हजार रुपए नगद ले गए।
पुलिस के अनुसार चोरों ने पहले ही दुकान की रैकी कर ली होगी। उन्हें इस बात का अंदाजा भी रहा होगा की दुकान की दीवार चार इंच की है। वारदात को अंजाम देने वालों की संख्या चार से पांच लोगों की हो सकती है। फिलहाल पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं।
कश्मीर पहुंचने वाला सिस्टम सीजन का सबसे स्ट्रांग होगा। इस वजह से उत्तरी इलाकों में भारी बर्फबारी होगी।
उत्तर भारत में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी होगा। वहां से आने वाली सर्द हवा से ठंड बढ़ेगी।
घटना बुधवार शाम 5.45 बजे की है। ट्रांसपोर्ट कारोबारी कुलवंत सिंह संधु 40 लोगों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ कलेक्टर से मिलने गए थे। सभी पहली मंजिल स्थित ऑफिस के बाहर इंतजार कर रहे थे। शाम 5.45 बजे कलेक्टर आए। जैसे ही उनसे मिलने के लिए प्रतिनिधि मंडल खड़ा हुआ, तभी संधु मुंह के बल गिर पड़े।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल राजू भाटिया ने बताया कि पिपल्याराव गुरुद्वारा में चुनाव कराने को लेकर हम कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से मिलने गए थे, लेकिन इस बीच यह हादसा हो गया। फर्स्ट एड नहीं मिला तो हमने कुलवंत की पगड़ी से उनका खून पोंछा और लिफ्ट तक ले गए। वहां पता चला कि लिफ्टमैन जा चुका था। फिर लिफ्ट चालू कर उन्हें नीचे ले गए।
एंबुलेंस को कॉल किया। उसके आने में देरी हो रही थी तो कलेक्टर के पीए ने एक अधिकारी की गाड़ी में निजी अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिससे उनकी मौत हो गई। यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद वह बच सकते थे। उन्हें पहले से हार्ट की परेशानी थी। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई। शव को निजी अस्पताल में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार कटारा थाना क्षेत्र लहारपुर मार्केट में मनीष की राधारानी नाम से ज्वैलर्स की दुकान है। बुधवार रात करीब आठ बजे वह दुकान बंद करके घर चले गए थे। बुधवार-गुरवार की दरमियानी रात चोरों ने उनकी दुकान में पीछे की तरह से चार इंची दीवार तोड़ सेंधमारी कर दी। चोरों ने दीवार में करीब दो फीट का छेद कर अंदर घुस गए। दुकान में अंदर घुसने के बाद चोरों ने तिजोरी तोड़ी और पांच किलो चांदी, 50 ग्राम सोना और 60 हजार रुपए नगद ले गए।
पुलिस के अनुसार चोरों ने पहले ही दुकान की रैकी कर ली होगी। उन्हें इस बात का अंदाजा भी रहा होगा की दुकान की दीवार चार इंच की है। वारदात को अंजाम देने वालों की संख्या चार से पांच लोगों की हो सकती है। फिलहाल पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं।
कश्मीर पहुंचने वाला सिस्टम सीजन का सबसे स्ट्रांग होगा। इस वजह से उत्तरी इलाकों में भारी बर्फबारी होगी।
उत्तर भारत में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी होगा। वहां से आने वाली सर्द हवा से ठंड बढ़ेगी।
Wednesday, January 9, 2019
हो सकता है आलोकनाथ पर आरोप एकतरफा प्यार के चलते लगाए गए हों: कोर्ट
विन्ता नंदा के आरोपों के आधार पर दुष्कर्म केस में आरोपी बनाए गए आलोक नाथ को सत्र न्यायालय ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा था कि अभिनेता के खिलाफ शिकायतकर्ता के झूठे और अपमानजनक आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया गया। कोर्ट ने यह फैसला पिछले हफ्ते सुनाया था, लेकिन इसे मंगलवार शाम अपलोड किया गया।
5 लाख के मुचलके पर जमानत मिली
अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एसएस ओझा ने आलोक नाथ को 5 लाख के मुचलके पर जमानत दी। उन्होंने कहा- अभिनेता के खिलाफ स्क्रीन राइटर विन्ता नंदा ने निजी दुश्मनी के चलते आरोप लगाया था।
आदेश में जज ने कहा- शिकायतकर्ता ने जो आरोप लगाए हैं, हो सकता है कि वह उसके आलोकनाथ के प्रति एकतरफा प्यार के चलते उठाए गए हों। अभिनेता के खिलाफ साफतौर पर शिकायतकर्ता के अपमानजनक, झूठे, दुर्भावनापूर्ण और काल्पनिक आरोपों के आधार पर केस दर्ज हुआ।
जज ने आगे कहा- आलोक नाथ की पत्नी और शिकायतकर्ता 1980 के दौरान चंडीगढ़ में कॉलेज के समय के दोस्त थीं। दोनों मुंबई में एक टीवी सीरियल की प्रोडक्शन यूनिट में काम करती थीं। तब वहां उनकी मुलाकात आलोक नाथ से हुई। तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। 1987 में आलोक नाथ ने आशू को प्रपोज किया और उनकी शादी हो गई।
न्यायाधीश ओझा ने कहा- शिकायतकर्ता तब अकेला महसूस करने लगी, क्योंकि उसने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खो दिया था। हो सकता है कि आलोक नाथ के प्रति अपने एकतरफा प्यार और लगाव के चलते शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हों।
"इस मामले में एक बात ध्यान देने लायक है कि शिकायतकर्ता को पूरा वाकया याद है, लेकिन तारीख और महीना याद नहीं है। सभी तथ्यों को देखते हुए इस बात की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता कि अभिनेता को झूठे अपराध में फंसाया गया।''
विन्ता ने फेसबुक पोस्ट में लगाए थे आरोप
अक्टूबर में मीटू कैम्पेन के तहत विन्ता ने एक फेसबुक पोस्ट में आलोक नाथ पर आरोप लगाए थे। विन्ता 1990 के दशक के टीवी सीरियल 'तारा' की प्रोड्यूसर थीं। इसमें आलोक नाथ दीपक सेठ की मुख्य भूमिका में थे। विन्ता का आरोप है कि एक दिन आलोक नाथ उन्हें घर छोड़ने गए थे। यहीं पर उन्हें शराब पिलाकर दुष्कर्म किया।
5 लाख के मुचलके पर जमानत मिली
अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एसएस ओझा ने आलोक नाथ को 5 लाख के मुचलके पर जमानत दी। उन्होंने कहा- अभिनेता के खिलाफ स्क्रीन राइटर विन्ता नंदा ने निजी दुश्मनी के चलते आरोप लगाया था।
आदेश में जज ने कहा- शिकायतकर्ता ने जो आरोप लगाए हैं, हो सकता है कि वह उसके आलोकनाथ के प्रति एकतरफा प्यार के चलते उठाए गए हों। अभिनेता के खिलाफ साफतौर पर शिकायतकर्ता के अपमानजनक, झूठे, दुर्भावनापूर्ण और काल्पनिक आरोपों के आधार पर केस दर्ज हुआ।
जज ने आगे कहा- आलोक नाथ की पत्नी और शिकायतकर्ता 1980 के दौरान चंडीगढ़ में कॉलेज के समय के दोस्त थीं। दोनों मुंबई में एक टीवी सीरियल की प्रोडक्शन यूनिट में काम करती थीं। तब वहां उनकी मुलाकात आलोक नाथ से हुई। तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। 1987 में आलोक नाथ ने आशू को प्रपोज किया और उनकी शादी हो गई।
न्यायाधीश ओझा ने कहा- शिकायतकर्ता तब अकेला महसूस करने लगी, क्योंकि उसने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खो दिया था। हो सकता है कि आलोक नाथ के प्रति अपने एकतरफा प्यार और लगाव के चलते शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हों।
"इस मामले में एक बात ध्यान देने लायक है कि शिकायतकर्ता को पूरा वाकया याद है, लेकिन तारीख और महीना याद नहीं है। सभी तथ्यों को देखते हुए इस बात की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता कि अभिनेता को झूठे अपराध में फंसाया गया।''
विन्ता ने फेसबुक पोस्ट में लगाए थे आरोप
अक्टूबर में मीटू कैम्पेन के तहत विन्ता ने एक फेसबुक पोस्ट में आलोक नाथ पर आरोप लगाए थे। विन्ता 1990 के दशक के टीवी सीरियल 'तारा' की प्रोड्यूसर थीं। इसमें आलोक नाथ दीपक सेठ की मुख्य भूमिका में थे। विन्ता का आरोप है कि एक दिन आलोक नाथ उन्हें घर छोड़ने गए थे। यहीं पर उन्हें शराब पिलाकर दुष्कर्म किया।
Tuesday, January 1, 2019
राजे सरकार के फैसलों की होगी समीक्षा, उठाए ये कदम
राजस्थान में सत्ता में आते ही कांग्रेस एक्शन में आ गई है. राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के राजनीतिकरण के पक्ष में नहीं है और पूर्व सरकार की ओर से 'दुर्भावना से' किए गए फैसलों की समीक्षा करेगी. हाल ही में मंत्री ने वसुंधरा सरकार के दौरान किताबों में हुए बदलाव की समीक्षा करने की बात कही थी.
साथ ही उन्होंने राजस्थान राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में राज्य स्तर पर सर्वोच्च स्थान पाने वाले परीक्षार्थी को देय मीरा पुरस्कार व एकलव्य पुरस्कार की राशि को 11 हजार रूपये से बढ़ाकर 21-21 हजार रूपये करने की घोषणा की. डोटासरा ने शिक्षा संकुल में ओपन स्कूल के परीक्षा परिणाम भी जारी कर दिए हैं. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में राजनीतिकरण के पक्ष में नहीं है.
राजस्थान: अब होगा कांग्रेस वाला इतिहास! क्या फिर बदलेंगी किताबें?
उन्होंने कहा, 'राज्य की पिछली सरकार ने दुर्भावना से जो कार्य किए थे उनकी समीक्षा की जाएगी और प्रदेश की जनता के हित में और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जो ठीक होगा वही किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में जिला स्तर पर अव्वल रहने वाले परीक्षार्थियों को भी अब पुरस्कार के रूप में 3100 रूपये की बजाय 11 हजार रूपये दिए जाएंगे.
डोटासरा ने कहा कि ओपन स्कूल की परीक्षाओं में अधिक से अधिक अभ्यर्थी बैठे, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार की ओर से ओपन स्कूल के राजकीय संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर, प्रिंटर, प्रोजेक्टर और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए 5.50 करोड़ रूपये राशि का प्रावधान किया जाएगा. यह राशि आगामी दो माह में आवंटित कर दी जाएगी ताकि जल्द से जल्द राज्य संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर और तमाम सामग्री पहुंच जाए.
पंजाब शिक्षा बोर्ड: 12वीं की इतिहास की किताब पर फिर विवाद, जानें- क्या है वजह?
उन्होंने अक्टूबर-नवम्बर, 2018 की दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया. उन्होंने बताया कि 10वीं का परीक्षा परिणाम जहां 52.26 प्रतिशत रहा है वहीं 12 वीं का 46.28 प्रतिशत रहा है.
सूबे में निषाद पार्टी की बुनियाद संजय निषाद ने साल 2013 में रखी थी. निषाद पार्टी का पूरा नाम, 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' है. दरअसल, किसी जाति से कोई राजनीतिक दल पंजीकृत नहीं हो सकता है. यही वजह है कि पार्टी का नाम 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' रखा गया जिसका शॉर्ट में नाम 'NISHAD' यानी 'निषाद' होता है.
'निषाद' पार्टी का नाम रखने के पीछे संजय निषाद का सोचा समझा राजनीतिक उद्देश्य था. देश के 14 राज्यों में निषाद वंशीय अनुसूचित जाति में शामिल भी हैं. उत्तर प्रदेश में निषाद वंश से जुड़ी 7 जातियां- मंझवार, गौड़, तुरहा, खरोट, खरवार, बेलदार, कोली अनुसूचित जाति में शामिल हैं, लेकिन अन्य उपजातियों को ओबीसी में रखा गया है. इनमें केवट, मल्लाह, बिंद, मांझी, कश्यप और निषाद उपजातियां शामिल हैं.
संजय निषाद इन्हीं जातियों को संगठित कर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हैं. वे सबसे पहले सुर्खियों में तब आए जब 7 जून, 2015 को गोरखपुर से सटे सहजनवा क्षेत्र के कसरावल गांव के पास निषादों को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था.
संजय निषाद के साथ सैकड़ों की संख्या में निषाद समाज के लोग थे, जिनमें बड़ी संख्या युवा शामिल थे. पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो हिंसक झड़प हुई. पुलिस फायरिंग में अखिलेश निषाद नाम का युवक मारा गया. भीड़ ने कई वाहनों में तोड़-फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया. इसके बाद संजय निषाद गायब हो गए. हालांकि बाद में उन्होंने सरेंडर किया और जमानत पर रिहा हुए.
साथ ही उन्होंने राजस्थान राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में राज्य स्तर पर सर्वोच्च स्थान पाने वाले परीक्षार्थी को देय मीरा पुरस्कार व एकलव्य पुरस्कार की राशि को 11 हजार रूपये से बढ़ाकर 21-21 हजार रूपये करने की घोषणा की. डोटासरा ने शिक्षा संकुल में ओपन स्कूल के परीक्षा परिणाम भी जारी कर दिए हैं. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में राजनीतिकरण के पक्ष में नहीं है.
राजस्थान: अब होगा कांग्रेस वाला इतिहास! क्या फिर बदलेंगी किताबें?
उन्होंने कहा, 'राज्य की पिछली सरकार ने दुर्भावना से जो कार्य किए थे उनकी समीक्षा की जाएगी और प्रदेश की जनता के हित में और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जो ठीक होगा वही किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में जिला स्तर पर अव्वल रहने वाले परीक्षार्थियों को भी अब पुरस्कार के रूप में 3100 रूपये की बजाय 11 हजार रूपये दिए जाएंगे.
डोटासरा ने कहा कि ओपन स्कूल की परीक्षाओं में अधिक से अधिक अभ्यर्थी बैठे, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार की ओर से ओपन स्कूल के राजकीय संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर, प्रिंटर, प्रोजेक्टर और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए 5.50 करोड़ रूपये राशि का प्रावधान किया जाएगा. यह राशि आगामी दो माह में आवंटित कर दी जाएगी ताकि जल्द से जल्द राज्य संदर्भ केन्द्रों में कम्प्यूटर और तमाम सामग्री पहुंच जाए.
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उन्होंने अक्टूबर-नवम्बर, 2018 की दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया. उन्होंने बताया कि 10वीं का परीक्षा परिणाम जहां 52.26 प्रतिशत रहा है वहीं 12 वीं का 46.28 प्रतिशत रहा है.
सूबे में निषाद पार्टी की बुनियाद संजय निषाद ने साल 2013 में रखी थी. निषाद पार्टी का पूरा नाम, 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' है. दरअसल, किसी जाति से कोई राजनीतिक दल पंजीकृत नहीं हो सकता है. यही वजह है कि पार्टी का नाम 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' रखा गया जिसका शॉर्ट में नाम 'NISHAD' यानी 'निषाद' होता है.
'निषाद' पार्टी का नाम रखने के पीछे संजय निषाद का सोचा समझा राजनीतिक उद्देश्य था. देश के 14 राज्यों में निषाद वंशीय अनुसूचित जाति में शामिल भी हैं. उत्तर प्रदेश में निषाद वंश से जुड़ी 7 जातियां- मंझवार, गौड़, तुरहा, खरोट, खरवार, बेलदार, कोली अनुसूचित जाति में शामिल हैं, लेकिन अन्य उपजातियों को ओबीसी में रखा गया है. इनमें केवट, मल्लाह, बिंद, मांझी, कश्यप और निषाद उपजातियां शामिल हैं.
संजय निषाद इन्हीं जातियों को संगठित कर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हैं. वे सबसे पहले सुर्खियों में तब आए जब 7 जून, 2015 को गोरखपुर से सटे सहजनवा क्षेत्र के कसरावल गांव के पास निषादों को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था.
संजय निषाद के साथ सैकड़ों की संख्या में निषाद समाज के लोग थे, जिनमें बड़ी संख्या युवा शामिल थे. पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो हिंसक झड़प हुई. पुलिस फायरिंग में अखिलेश निषाद नाम का युवक मारा गया. भीड़ ने कई वाहनों में तोड़-फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया. इसके बाद संजय निषाद गायब हो गए. हालांकि बाद में उन्होंने सरेंडर किया और जमानत पर रिहा हुए.
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