拜森当时40出头,他不幸被判处死刑,但三次都是因为执行绞刑的人实在太累了而幸免于难,真的可以说是大难不死。但这一切到底是怎么回事呢?
拜森出生在马拉维南部的一个小村庄,他曾在南非的约翰内斯堡煤气部门工作过,有了一些积蓄。于是回到老家买了一块地当起了老板。
他手下雇佣了5名员工。他们在地里种了水果、小麦、玉米和木薯。但“噩梦”也因此而开始。
拜森的“成功”遭到了邻居们的嫉妒。一些邻居袭击了他手下的一名员工,把他打成重伤。由于行走困难,上厕所也需要人搀扶。
一次,拜森在搀扶该员工入厕的途中脚下的台阶一滑,跌倒了。因为前一天刚刚下过大雨,台阶比较滑。该员工被摔倒在地,之后死在医院。
于是,拜森被判谋杀罪名成立。法庭上,拜森的邻居们还作证指控他。
拜森的母亲坐在法庭后排旁听,当得知儿子被判处死刑时痛哭流泪。
马拉维当时是独裁者海斯廷斯·卡穆祖·班达(Hastings Banda)执政的末期。
判了死刑后,下一步就是等待被执行绞刑。但当时执行绞刑的行刑者是一名南非人,而且只有他一人。
他负责该地区好几个国家的绞刑执行,不得不在几个国家之间辗转旅行。
因此,大约是每2个月才轮到到马拉维来行刑。他手里有一个名单,每次执行绞刑时按名单进行。
拜森每天生活在恐惧中,他最害怕的时刻终于到来了。他的名字出现在21个等待被执行绞刑的名单中。
狱警告诉他,执行从下午1点开始。狱警说他应该“开始祷告了”。
但绞刑执行到了下午3点,行刑者太累了,停止了工作。名单上还有3名没被执行,其中包括拜森。
这是拜森第一次幸免。它意味着拜森只能等待下一轮了。
第二次,还是像头一次那样。执行绞刑的人说,“活太多了”,没办法完成。
而第三次,所有在当天绞刑名单上的人都被执行了,只剩下拜森一人。
虽然拜森三次都逃脱了绞刑的魔爪,但这种经历彻底击碎了他。他曾二次试图自杀。
1994年马拉维确立了多党民主制,所有死刑执行都被叫暂停。虽然即使今天马拉维仍然没有废除死刑,但大多数死刑犯都会转为终身监禁。
拜森的情况就是如此。在监狱里,他积极参与狱中举办的一些教育项目,但似乎毫无出狱的希望。
直到2007年,一桩历史性案件改变了拜森的命运。但此时,拜森已经在监狱中服了近25年刑期。
一名被判了死刑的吸毒者向法院的判刑提出了挑战。他承认杀死了自己的继子,但争辩说他当时的行为是受毒品的影响,属非正常行为。
他认为这违反了自己得到公平审判的权利。同时,他应该享有免遭“不人道和有辱人格待遇”的权利。 这两者都受到马拉维宪法的保障。法院同意了他的申诉。
法院认为,同样是谋杀案例,罪犯的动机和犯罪程度不尽相同,因此量刑也应该不同。
这意味着,包括拜森在内的所有死刑判决都必须要重新复审。
其结果是,许多死刑犯获得了自由。他们当中有许多人有精神问题,也有的是智障人士。
当拜森得知法院要重审自己的案件时,他最初的反应是拒绝,因为他被之前的经历吓怕了。但最终他还是屈服,同意复审。
当法官说他恢复了自由,他惊呆了。他全身发抖,两腿无法站立。他感觉自己像是在做梦,不相信法官所说的话。
拜森服刑期间,他妈妈每年都去探视他。每次都给他带去好多食品等。
拜森妈妈听到他获得自由时,欣喜若狂。她终于等到了这一天。
拜森重获自由已经60开外,政府组织帮助他学习一些新技能帮助他更容易过渡到正常人的生活。
现在,拜森周末去当义工,帮助其他刚刚被释放的犯人。
在他服刑期间发生了许多事。他的土地长满了野草,妻子也已经病逝。他的六个孩子已经长大成人,离家远走。
他一个人独居,照顾他已经80多岁的老母亲。
拜森表示,他在监狱中最担心的是自己的母亲。拜森是老大。现在重获了自由,他希望尽自己一切可能照顾母亲。
Tuesday, February 26, 2019
Thursday, February 7, 2019
न्यूजीलैंड 23 रन से जीता; स्मृति ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाली भारतीय
न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को यहां वेस्टपैक स्टेडियम में तीन मैच की सीरीज के पहले टी-20 में भारत को 23 रन से हरा दिया। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 159 रन बनाए।
भारत के आखिरी 9 विकेट 34 रन पर गिरे
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 19.1 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। उसके आखिरी नौ विकेट महज 34 रन पर गिर गए। भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 34 गेंद पर 58 रन की पारी खेली। उन्होंने 24 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने टी-20 में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली भारतीय होने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा।
भारत की तीन बल्लेबाज ही दहाई के अंक तक पहुंच पाईं
भारत की ओर से स्मृति के अलावा जेमिमा रोड्रिगेज ने 33 गेंद पर 39 रन की पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 15 गेंद में 17 रन बनाए। इन तीनों के अलावा उसकी कोई भी बल्लेबाज दहाई के अंक तक नहीं पहुंच पाई। दो बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाईं।
मंधाना सबसे कम गेंद में 50 रन बनाने वाली भारतीय बनीं
भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने महज 24 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। वे टी-20 में सबसे कम गेंद में अर्धशतक बनाने वाली भारतीय बन गईं हैं। उन्होंने पिछले साल मार्च में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ 25 गेंद में बनाए गए अर्धशतक का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। टी-20 में सबसे कम गेंद में अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन के नाम है। उन्होंने 2005 में बेंगलुरु में भारत के खिलाफ 18 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया था।
न्यूजीलैंड की खराब शुरुआत
इस मैच में भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम का स्कोर जब 11 रन था, तभी सूजी बेट्स सात के निजी स्कोर पर राधा यादव की गेंद पर विकेट के पीछे तानिया भाटिया को कैच थमा बैठीं।
सोफी-सैटर्थवेट ने न्यूजीलैंड का स्कोर 100 के पार पहुंचाया
इसके बाद ओपनर सोफी डिवाइन ने कैटलिन गुरे के साथ दूसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े। 47 रन के स्कोर पर कैटलिन पूनम यादव की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने 15 रन बनाए। उनकी जगह एमी सैटर्थवेट ने क्रीज संभाली। सोफी और एमी ने तीसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
भारत के आखिरी 9 विकेट 34 रन पर गिरे
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 19.1 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। उसके आखिरी नौ विकेट महज 34 रन पर गिर गए। भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 34 गेंद पर 58 रन की पारी खेली। उन्होंने 24 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने टी-20 में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली भारतीय होने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा।
भारत की तीन बल्लेबाज ही दहाई के अंक तक पहुंच पाईं
भारत की ओर से स्मृति के अलावा जेमिमा रोड्रिगेज ने 33 गेंद पर 39 रन की पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 15 गेंद में 17 रन बनाए। इन तीनों के अलावा उसकी कोई भी बल्लेबाज दहाई के अंक तक नहीं पहुंच पाई। दो बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाईं।
मंधाना सबसे कम गेंद में 50 रन बनाने वाली भारतीय बनीं
भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने महज 24 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। वे टी-20 में सबसे कम गेंद में अर्धशतक बनाने वाली भारतीय बन गईं हैं। उन्होंने पिछले साल मार्च में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ 25 गेंद में बनाए गए अर्धशतक का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। टी-20 में सबसे कम गेंद में अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन के नाम है। उन्होंने 2005 में बेंगलुरु में भारत के खिलाफ 18 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया था।
न्यूजीलैंड की खराब शुरुआत
इस मैच में भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम का स्कोर जब 11 रन था, तभी सूजी बेट्स सात के निजी स्कोर पर राधा यादव की गेंद पर विकेट के पीछे तानिया भाटिया को कैच थमा बैठीं।
सोफी-सैटर्थवेट ने न्यूजीलैंड का स्कोर 100 के पार पहुंचाया
इसके बाद ओपनर सोफी डिवाइन ने कैटलिन गुरे के साथ दूसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े। 47 रन के स्कोर पर कैटलिन पूनम यादव की गेंद पर बोल्ड हो गईं। उन्होंने 15 रन बनाए। उनकी जगह एमी सैटर्थवेट ने क्रीज संभाली। सोफी और एमी ने तीसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
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